नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में किसी भी प्रकार की कट्टरवादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा। देवभूमि के देवत्व और मूल स्वरूप की रक्षा करना उनकी प्राथमिकता और व्यक्तिगत संकल्प है।
नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित शब्दोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर सुनियोजित रूप से अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। इस अभियान के तहत अब तक 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जुलाई, 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित हो सकेंगे जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे।
शिक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसों को बंद किया जा चुका है, जो नियमों और मानकों का पालन नहीं कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय किसी को निशाना बनाने के लिए नहीं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
आगामी विधानसभा चुनाव पर सीएम ने कहा कि राज्य में संगठन व सरकार निरंतर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून तथा मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नया अधिनियम लागू करना सरकार की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। केदारखंड और मानसखण्ड दोनों क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान, हेमकुंड साहिब व केदारनाथ रोपवे जैसी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।