देहरादून। उत्तराखंड की बेटी, राज्य आंदोलनकारी एवं प्रसिद्ध समाजसेवी भावना पांडे देवभूमि की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलवाने की माँग को लेकर जनता के साथ सड़कों पर उतरीं। भावना पांडे ने विभिन्न जन संगठनों, राजनीतिक दलों और प्रदेश की आम जनता के साथ मुख्यमंत्री आवास कूच किया।
भावना पांडे ने कहा, उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के खिलाफ लोगों का आक्रोश फिर से सड़कों पर दिखने लगा है। जन सैलाब के रूप में लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के अन्याय के विरुद्ध भारी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा आवाज उठा रहे हैं। सभी एक स्वर में अंकिता को न्याय देने की मांग सरकार से कर रहे हैं।
भावना पांडे ने अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच ना करवाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, अंकिता केस में नए आरोपों के बाद अब इस मामले की नए सिरे से जांच होनी जरूरी है। अंकिता भंडारी की हत्या कोई साधारण अपराध नहीं था। बल्कि संरक्षण में पनपे अपराध तंत्र का परिणाम है। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी की ओर से कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बावजूद सरकार इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस मामले में नए आरोप सामने आने के बाद संलिप्त लोगों को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
भावना पांडे ने भाजपा सरकार पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि इस मामले में सरकार शुरुआत से ही वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है। ऐसे में इस मामले की पूरी तरह से सीबीआई जांच होनी चाहिए। आज अपनी ही भूमि पर उन्हें दिवंगत अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा है। सत्ता पक्ष इतना मदहोश है कि उसे आम जनता की आवाज सुनाई नहीं दे रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराए जाने की मांग उठाई।
